भारत के प्रमुख मंदिर
By Vivek Singh
Director of NOVELTY
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तमिलनाडु
बृहदेश्वर मंदिर/ राजराजेश्वरम मंदिर - यह मंदिर तंजौर (तमिलनाडु) में है, इसे पेरूवुटैयार कोविल भी करते हैं
निर्माण- 11 वीं सदी में राजा राज चोल प्रथम ने द्रविड़ शैली में इसका निर्माण कराया था।
इसका निर्माण पूर्णता ग्रेनाइट से हुआ है विश्व का एकमात्र मंदिर जो पूर्णता ग्रेनाइट से बना हुआ है।
इसकी ऊंचाई 60 मीटर (217) फिट है।
नटराज मंदिर- चिदंबरम (तमिलनाडु) में स्थित है
यह भगवान शिव को समर्पित अंधेर है
निर्माण- दसवीं से 12 वीं सदी की चोल काल में हुआ था।
मीनाक्षी मंदिर- यह मदुरै (तमिलनाडु) में स्थित है
इसको सुंदरेश्वर मंदिर या मीनाक्षी अम्मा मंदिर भी कहा जाता है।
इसका निर्माण 17 वी शताब्दी में हुआ था।
रामनाथ स्वामी मंदिर- यह रामानथपुरम (तमिलनाडु) में स्थित है
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है
इसका निर्माण लंका के राजा पराक्रमबाहु 1173 में करवाया था
रामेश्वरम 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है।
एकंबरेश्वर मंदिर- यह कांचीपुरम (तमिलनाडु) में स्थित है
यह मंदिर शिव को समर्पित है
किसका निर्माण द्रविड़ वास्तु शैली में पल्लव चोल राजा ने करवाया था।
कैलाश मंदिर- यह कांचीपुरम (तमिलनाडु) में स्थित है
इसका निर्माण आठवीं शताब्दी में पल्लव वंश के राजा राजसिम्हा ने करवाया था यह द्रविड़ शैली में निर्मित है।
मंदिर में देवी पार्वती और शिव की नृत्य शैली में दिखाया गया है।
बैकुंठ पेरूमल- यह कांचीपुरम (तमिलनाडु) में स्थित है
यह भगवान विष्णु को समर्पित है
इसका निर्माण सातवीं शताब्दी में राजा नंद वर्मन द्वितीय ने करवाया था, बैकुंठ पेरूमल मंदिर में 1000 स्तंभों वाला विशाल हाल
गंगैकोंड चोरपुरम- यह त्रिचुरापल्ली (तमिलनाडु) में स्थित है
इसका निर्माण राजेंद्र चोल प्रथम ने करवाया था।
नलेईपार मंदिर- यह तिरुनेलवेली (तमिलनाडु) में स्थित है
यह भगवान शिव को समर्पित है
इसका निर्माण द्रविड़ वास्तुकला में 700 ईस्वी में अर्ली पाड़यास
महाबलीपुरम या मांमल्लपुरम मंदिर- यह चैंगलपट्टू जिले में तमिलनाडु मैं स्थित है।
इसका निर्माण सातवीं शताब्दी में पल्लव शासकों ने करवाया था।
जंबूकेश्वर मंदिर- यह त्त्रिचुरापल्ली (तमिलनाडु) में स्थित है
यह भगवान शिव को समर्पित है
इसका निर्माण दूसरी सदी में हुआ था।
श्रीपुरम गोल्डन टेंपल- वेल्लोर नगर (तमिलनाडु) मेंं स्थित हैं ।
यह लक्ष्मी नारायणी मंदिर है यह 15000 किलो विशुद्ध सोने का बना है
केरल
पद्मनाभास्वामी मंदिर- यह तिरुवंतपुरम (केरल) में स्थित है।
यह भगवान विष्णु का प्रसिद्ध मंदिर है
इसका निर्माण 1733 में त्रावनकोर की राजा मार्तंड वर्मा ने बनवाया था
द्रविड़ वास्तुकला में निर्मित मंदिर का गोपुरम द्रविड़ शैली में बना हुआ है
सबरीमाला मंदिर- यह केरल के पंपा में स्थित है
यह केरल का सबसे फेमस तीर्थ स्थल है यहां पर विश्व का सबसे बड़ा वार्षिक तीर्थ यात्रा होता है जिस में प्रतिवर्ष 2 करोड़ श्रद्धालु शामिल होते हैं
सबरीमाला में भगवान अय्यप्पन का मंदिर है
इस मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है
बदक्कुनाथ मंदिर- यह केरल के त्रिशूर शहर में स्थित है।
यह 1300 साल पुराना मंदिर है
कर्नाटक
काल भवरेश्वर मंदिर - राजेश्वरी नगर (कर्नाटक) में स्थित है
काल भैरव का प्रसिद्ध मंदिर है।
धर्मस्थल मंजूनाथेश्वला - यह कर्नाटक के कन्नड़ जिले में बेल्थंगडी नगर में स्थित है।
महाराष्ट्र
कैलाश मंदिर- यह मंदिर एलोरा में औरंगाबाद जिला महाराष्ट्र में स्थित है।
इसका निर्माण राष्ट्रकूट वंश के नरेश कृष्ण ने 760 ईसवी के लगभग कराया था।
इस मंदिर का निर्माण एक ही पत्थर को काटकर द्रविड़ शैली में किया गया है।
एलिफेंटा की गुफा- इसको घारापुरी गुफाएं भी कहा जाता है
यह गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई से 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित है
इसका निर्माण 9वीं से तेरहवीं शताब्दी तक सीलहारा वंश के राजाओं ने करवाया था।
इसमें शिव की त्रिमूर्ति प्रतिमा स्थापित है।
सिद्धिविनायक मंदिर- यह मुंबई महाराष्ट्र में स्थित है
इसका निर्माण 1692 में हुआ था।
राजस्थान
दिलवाड़ा जैन मंदिर-राजस्थान के सिरोही जिले के माउंटआबूू नगर मैं स्थित है।
इसका निर्माण 11 वीं से 13 वीं शताब्दी में वास्तुपाल और तेजपाल भाइयों ने बनवाया था।
यहां 5 मंदिरों का समूह है है जो सफेद संगमरमर से बना है।
यह मंदिर जैन धर्म के तीर्थकरो को समर्पित है।
ब्रह्मा मंदिर- यह राजस्थान के पुष्कर अजमेर जिले में स्थित है।
इसका निर्माण 14 वीं सदी में हुआ था।
यह एकमात्र ब्रह्मा मंदिर है।
गुजरात
स्वामीनारायण मंदिर- यह मंदिर उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित है।
अक्षरधाम मंदिर यह मंदिर भगवान स्वामीनारायण को समर्पित है
यह भारत का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है।
सोमनाथ मंदिर- यह मंदिर गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल में स्थित है।
यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है।
वर्तमान मंदिर का निर्माण सरदार वल्लभभाई पटेल ने करवाया था।
इस मंदिर को 1024 ईस्वी में मोहम्मद गजनवी ने लूटा था।
उत्तर प्रदेश
काशी विश्वनाथ मंदिर- यह वाराणसी उत्तर प्रदेश मेंं गंगा नदी के किनारे स्थित है।
इसका निर्माण 1780 में महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था।
यहीं पर ज्ञानवापी मस्जिद स्थित है
दशावतार मंदिर- यह उत्तर प्रदेश के ललितपुुुर जिले के देवगढ़ में स्थित है।
यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।
इसका निर्माण गुप्त काल में माना जाता है।
प्रेम मंदिर- यह उत्तर प्रदेश के मथुरा जिलेे के समीप वृंदावन में स्थित है
इसको इस्कॉन टेंपल भी करते हैं।
यह भगवान कृष्ण को समर्पित मंदिर है।
मध्य प्रदेश
कंदरिया महादेव मंदिर- यह मध्य प्रदेश के खजुराहो में स्थित है
यह 999 ई में चंदेल शासक यशोवर्मन ने बनवाया था।
खजुराहो मंदिर- यह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में है
इसका निर्माण 900 से 1100 ईस्वी में चंदेल शासकों ने करवाया था
उड़ीसा
जगन्नाथ मंदिर- यह उड़ीसाा राज्य तटवर्ती शहर पूरी में स्थित है
यह मंदिर भगवान जगन्नाथ (कृष्ण) को समर्पित है ।
इस मंदिर को हिंदुओं के चार धामों में एक माना जाता है।
मंदिर का निर्माण कलिंग राजा अनंतवर्मन चोडगंग ने करवाया था।
कोणार्क मंदिर- यह मंदिर उड़ीसा राज्य के पूरी में कोणार्क शहर में स्थित है।
यह मंदिर सूर्य देव को समर्पित है।
निर्माण 13वीं शताब्दी में नरसिंह देव प्रथम गंग वंश के शासक ने करवाया था।
अंकोरवाट मंदिर (कंबोडिया) - यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।
यह विश्व का सबसे बड़ा मंदिर है, जो मीकांग नदी के किनारे हैं।
बालाजी मंदिर- यह मंदिर आंध्र प्रदेश केेेेे चित्तूर जिले में स्थित है।
इसको लार्ड वेंकटेश्वर भी कहा जाता है।
केदारनाथ मंदिर- यह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित है।
यह मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में एक है।
इसे देवभूमि भी कहते हैं।
बद्रीनाथ मंदिर- उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी केे किनारे स्थित है।
यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है एवं हिंदुओं के चारों धामों में एक है।
इसका स्थापना आदि शंकराचार्य ने सातवीं सदी में किया था।
गोल्डन टेंपल/ स्वर्ण मंदिर- अमृतसर पंजाब मेंंं स्थित है।
बेलूर मठ- पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के पश्चिमी तट पर स्थित है
इसका स्थापना स्वामी विवेकानंद में 18 सो 97 में किया था
यहां पर रामकृष्ण मिशन एवं रामकृष्ण मठ स्थित है।
अमरनाथ मंदिर- यह मंदिर जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में स्थित है
यह हिंदू धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है इसको तीर्थों का तीर्थ कहा जाता है
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है इसको बाबा बर्फानी भी कहा जाता है।
कामाख्या मंदिर- असम की राजधानी दिसपुर केे पास नीलांचल पर्वत पर स्थित है।
इसका निर्माण चीलाराय ने करवाया था
यह मंदिर आदिशक्ति सती देवी को समर्पित है।
वैष्णो देवी मंदिर- यह मंदिर जम्मू कश्मीर में त्रिकुटा पर्वत पर स्थित है
यह मंदिर तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मंदिर है।














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